अनंत चतुर्दशी 2025: पूजन विधि, महत्व, कथा और शुभ मुहूर्त | गणेश विसर्जन और अनंत सूत्र


अनंत चतुर्दशी
अनंत चतुर्दशी


🌟 अनंत चतुर्दशी 2025: पूजन, महत्व, कथा और शुभ मुहूर्त 🌟

अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और अत्यंत शुभ पर्व है। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और गणेश जी के पूजन के लिए समर्पित है।

🙏 अनंत चतुर्दशी का महत्व

अनंत चतुर्दशी भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन व्रत रखने और अनंत सूत्र बांधने का विशेष महत्व है।

  • ✨ सभी दुख और विघ्न समाप्त होते हैं।
  • ✨ जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य मिलता है।
  • ✨ धन, वैभव और परिवार में शांति आती है।
  • ✨ मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।

🧵 अनंत सूत्र का महत्व

अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा के लिए एक विशेष धागा होता है जिसे अनंत सूत्र कहते हैं। यह चौदह गांठों वाला होता है, जो भगवान विष्णु के चौदह लोकों का प्रतीक है।

अनंत सूत्र पहनने के लाभ:

  • 🌸 जीवन में सफलता और खुशहाली आती है।
  • 🌸 सभी नकारात्मक ऊर्जा और बाधाएं दूर होती हैं।
  • 🌸 व्रतकर्ता की भक्ति और आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है।
  • 🌸 महिलाएं इसे बाएं हाथ में पहनती हैं और पुरुष दाएं हाथ में पहन सकते हैं।

📜 महाभारत से जुड़ी कथा

अनंत चतुर्दशी से जुड़ी सबसे लोकप्रिय कथाओं में से एक महाभारत से संबंधित है। ऐसा कहा जाता है कि पांडवों ने राज्य खोने के बाद भगवान श्रीकृष्ण से मार्गदर्शन मांगा। भगवान कृष्ण ने उन्हें अनंत चतुर्दशी का व्रत रखने की सलाह दी। इस व्रत के प्रभाव से पांडवों को अपना राज्य पुनः प्राप्त हुआ।

👩‍🦰 सुशीला और ऋषि सुमंत की कथा

एक अन्य प्रसिद्ध कथा ऋषि सुमंत और उनकी पत्नी सुशीला की है। सुशीला ने अनंत चतुर्दशी का व्रत किया और अपने पति के हाथ में एक पवित्र धागा (अनंत सूत्र) बांधा। ऋषि सुमंत ने उस धागे का महत्व नहीं समझा और उसे फेंक दिया, जिससे उन्हें दुर्भाग्य का सामना करना पड़ा। पश्चाताप के बाद, उन्होंने भगवान विष्णु से क्षमा मांगी। भगवान ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें क्षमा किया और आशीर्वाद दिया।

📅 अनंत चतुर्दशी 2025: तिथि और मुहूर्त

  • 🕒 तिथि प्रारंभ: 6 सितंबर, सुबह 3:12 बजे
  • 🕒 तिथि समाप्त: 7 सितंबर, अर्धरात्रि 1:41 बजे
  • 🕒 पूजा मुहूर्त: 6 सितंबर शाम 6:02 बजे से 7 सितंबर अर्धरात्रि 1:41 बजे तक

🌊 गणेश विसर्जन के मुहूर्त 2025

  • ☀️ प्रातः मुहूर्त (शुभ): सुबह 7:36 - 9:10
  • 🌞 अपराह्न मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत): दोपहर 12:19 - शाम 5:02
  • 🌆 सायाह्न मुहूर्त (लाभ): शाम 6:37 - रात 8:02
  • 🌙 रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर): रात 9:28 - अर्धरात्रि 1:45 (7 सितंबर)
  • 🌅 उषाकाल मुहूर्त (लाभ): सुबह 4:36 - 6:02 (7 सितंबर)

🕉️ गणेश विसर्जन का महत्व

अनंत चतुर्दशी के दिन का एक और महत्वपूर्ण पक्ष है — गणेश विसर्जन। यह गणेश चतुर्थी से शुरू होकर दसवें दिन समाप्त होता है। भक्त गणेश जी की मूर्तियों का जल में विसर्जन करते हैं। यह विसर्जन भगवान गणेश की कैलाश वापसी का प्रतीक माना जाता है।

इस अनुष्ठान में भक्त ढोल-नगाड़ों, गानों, और नृत्य के साथ भगवान गणेश को भावभीनी विदाई देते हैं। यह दृश्य भक्ति, प्रेम और उल्लास से परिपूर्ण होता है।

व्यास जी महाभारत कहते हुए और गणेश जी उन्हें सुनकर लिखते हुए मनभावन तस्वीर
व्यास जी के द्वारा कही गई और गणेश जी के द्वारा लिखी गई महाभारत की रचना

📖 गणेश विसर्जन से जुड़ी पौराणिक कथा

एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब महाभारत की रचना हो रही थी, तब भगवान गणेश ने लगातार दस दिनों तक बिना रुके वेदव्यास जी की बातें लिखीं। इससे उनके शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ गया। वेदव्यास जी ने उन्हें शीतलता प्रदान करने के लिए मिट्टी का लेप लगाया और फिर उन्हें सरोवर में स्नान कराया। तभी से गणेश स्थापना के बाद विसर्जन की परंपरा शुरू हुई, ताकि उन्हें शांति और विश्राम मिल सके।

इसी प्रसंग से जुड़ा एक और प्रसिद्ध प्रसंग है—जब गणेश जी की लेखनी (कलम) टूट गई, तो उन्होंने अपना दाहिना दंत तोड़कर उसे लेखनी बना लिया ताकि महाभारत का लेखन बाधित न हो। इसी कारण उन्हें एकदंत भी कहा जाता है। यह प्रसंग हमें त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का महान संदेश देता है।

गणेश विसर्जन का संबंध इसी शीतलन और विश्रांति के प्रतीक से भी जोड़ा जाता है। उत्सव के दस दिनों तक घर-घर प्रतिष्ठित होकर विघ्नों का नाश करने वाले श्रीगणेश का जल में पुनर्मिलन हमें यह स्मरण कराता है कि जो पंचतत्व से आया है, वह अंततः पंचतत्व में ही विलीन होता है।

🙏 अनंत चतुर्दशी पूजन विधि (2025)

  1. 🛁 सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
  2. 🏡 घर के साफ जगह पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  3. 🌼 पूजा में रोली, चावल, फूल, फल, मिठाई और तांबे के पात्र का प्रयोग करें।
  4. 🧵 अनंत सूत्र को हाथ में बांधें। महिलाएं बाएं हाथ में पहनें।
  5. 📖 पूजन के दौरान भगवान विष्णु की कथा का पाठ करें।
  6. 🕯️ आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
  7. 🌊 गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त में उन्हें जल में समर्पित करें।

🌺 व्रत के नियम और लाभ

  • 🥗 व्रत के दिन साबुत अनाज और शुद्ध भोजन करें।
  • 🙏 दिनभर ब्रह्मचर्य का पालन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
  • 📖 पूजन के दौरान चतुर्दशी कथा का ध्यानपूर्वक श्रवण करें।
  • 🧵 अनंत सूत्र को बांधने से धन, वैभव और मानसिक शांति मिलती है।
  • 🌸 गणेश विसर्जन से घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनता है।
  • 🌟 ज्योतिष के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजन से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।


🌿 अनंत चतुर्दशी की लोककथाएँ और विश्वास

  • 🕉️ जो व्यक्ति व्रत के दिन निष्ठा के साथ अनंत सूत्र बांधता है, उसके सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
  • 🏡 गणेश जी का विसर्जन करने से घर में सुख, शांति और सौभाग्य का प्रवाह बढ़ता है।
  • 💰 अनंत चतुर्दशी व्रत से धन, स्वास्थ्य और परिवार में खुशहाली आती है।

🙏 इस अनंत चतुर्दशी पर अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।
गणपति बप्पा मोरया! 🌺

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